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#WhoIsThe_CompleteGuruगुरू बिन वेद पढ़े जो प्राणी, समझै न सार रह अज्ञानी।तत्वदर्शी संत अर्थात् पूर्ण गुरू की शरण में आए बिना यदि कोई वेदों को पढ़ता है, उसको सद्ग्रन्थों का सारज्ञान समझ नहीं आता। सद्ग्रन्थों के गूढ़ रहस्यों को न समझकर अज्ञानी ही रह जाता है।
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