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#गीता_जयंती_पर_असली_गीतासारगीता अध्याय 9 श्लोक 25 में श्राद्ध व पिंड आदि कर्मकांड को गलत कहा है। मार्कण्डेय पुराण में भी प्रमाण है कि वेदों में पितर पूजा, भूत पूजा यानि श्राद्ध कर्म को अविद्या यानि मूर्खी का कार्य बताया है।Tattvadarshi Sant Rampal Ji
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