#सत_भक्ति_संदेश दया समान धर्म नहीं परमात्मा सत्संग में बताते हैं कि क्षमा करना बहुत बड़ा तप है।इसके समान कोई तप नहीं और संतोष के तुल्य कोई सुख नहीं।किसी वस्तु की प्राप्तिकी इच्छा के समान कोई आपदा नहीं है और दया के समान धर्म नहीं है।पढ़ें पुस्तक ज्ञान गंगा #GodEveningMonday

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#गीताजी_का_ज्ञान_किसने_बोला🤔क्या काल का रूप इतना भयंकर है कि जिसे देखकर अर्जुन जैसा योद्धा भी कांपने लगा।क्या यही कारण है कि पवित्र गीता जी अध्याय 7 श्लोक 25 के अनुसार काल ने अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा की।👉 अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। और जानें गूढ़ रहस्य।

#सत_भक्ति_संदेश परमेश्वर कबीर जी का विधान है कि वे स्वयं सतगुरु रूप में प्रकट होकर यथार्थ भक्ति साधना के नाम मन्त्र स्वयं बताते और वही मन्त्र आदरणीय धर्मदास जी, आदरणीय संत गरीबदास जी (छुड़ानी वाले) आदरणीय संत नानक देव जी, आदरणीय संत घीसा दास साहेब जी को दिए।