#सत_भक्ति_संदेश #सत्_कबीर_दयासंत दर्शन कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि हेभक्त-भक्तमति पूर्ण संत यानि अपने सतगुरु के दर्शन के लिए अपने धन व पद का अभिमान त्याग चलना।ऐसे संत दर्शन के लिए चलते है, उनका प्रत्येक कदम एक यज्ञ के तुल्य लाभ देता है।

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#गीताजी_का_ज्ञान_किसने_बोला🤔क्या काल का रूप इतना भयंकर है कि जिसे देखकर अर्जुन जैसा योद्धा भी कांपने लगा।क्या यही कारण है कि पवित्र गीता जी अध्याय 7 श्लोक 25 के अनुसार काल ने अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा की।👉 अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। और जानें गूढ़ रहस्य।

#सत_भक्ति_संदेश परमेश्वर कबीर जी का विधान है कि वे स्वयं सतगुरु रूप में प्रकट होकर यथार्थ भक्ति साधना के नाम मन्त्र स्वयं बताते और वही मन्त्र आदरणीय धर्मदास जी, आदरणीय संत गरीबदास जी (छुड़ानी वाले) आदरणीय संत नानक देव जी, आदरणीय संत घीसा दास साहेब जी को दिए।