#जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै संत गरीबदास जी महाराज मुल्ला-काजियों से पूछते हैं: जा ममड़ी का दूध पीवत हो, दही घृत बहुत खाई।जा कूँ फिर हलाल करत हो, ले कर कर्द कसाई।।अर्थात जिस गाय माता का दूध और घी खाकर मनुष्य पलता है, उसी पर छुरी चलाना कसाईपन और भारी कृतघ्नता है।

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#गीताजी_का_ज्ञान_किसने_बोला🤔क्या काल का रूप इतना भयंकर है कि जिसे देखकर अर्जुन जैसा योद्धा भी कांपने लगा।क्या यही कारण है कि पवित्र गीता जी अध्याय 7 श्लोक 25 के अनुसार काल ने अव्यक्त रहने की प्रतिज्ञा की।👉 अवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा। और जानें गूढ़ रहस्य।

#सत_भक्ति_संदेश परमेश्वर कबीर जी का विधान है कि वे स्वयं सतगुरु रूप में प्रकट होकर यथार्थ भक्ति साधना के नाम मन्त्र स्वयं बताते और वही मन्त्र आदरणीय धर्मदास जी, आदरणीय संत गरीबदास जी (छुड़ानी वाले) आदरणीय संत नानक देव जी, आदरणीय संत घीसा दास साहेब जी को दिए।